PROFILE : यादों का सफर
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Sadhana Choure
Mr. Barole
- Birthday: 25 March
- Anniversary: 04 June
- Burhanpur (MP)

यादों का सफर - प्रकरण २
कॉलेज के शुरुवाती दिनों में ओर मेरे साथ अपनी मित्र भी हम सब साथ ही कॉलेज जाते थे। शुरू शरू में कुछ बड़ी बहनों ने हमारी रैकिंग ली आपसी परिचय ओर थोड़ी खिंचाई प्यारा अनुभव था वह भी। फिर नई रैकिंग शुरू हो गई। अपनी क्लास सुबह 7:30 को शुरू हो जाती थी, घर से कॉलेज बहुत दूर थी पैदल जाने में थोड़ा लेट हो जाते थे। इसलिए हमने सायकिल पर जाना शूरु किया, नीना वर्मा, रश्मि सिन्हा ओर में साधना चवरे, पहले पहले तो सब ठीक रहा लेकिन कुछ दिनों बाद कोई हमारी साइकिलों की हवा निकाल देता था। और हम घर वापसी में बड़े परेशान होते थे सायकिल में हवा भरवाने के लिए हमे दुकान तक सायकल खींच कर लाना पड़ती थी और हम तीनों परेशान हो जाते थे।यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा। आखिर बाद में हम साधना मुदगल के घर सायकिल रखने लगे ओर वहाँ से पेदल कॉलेज जाते थे बाद में सब ठीक हो गया । कौन टायर की हवा निकलता था यह जिज्ञासा अभी भी है। जो भी हमारे साथ मजाक करते थे। अपना नाम बताए। प्रकरण की बात पंकज ने बोली तो यह वाकया मेरे दिमाग में एकदम आया कि जानने का अच्छा मौका मिला है। हमारे में इतना शरारती कौन था सभी मित्र जानना चाहेंगे। में लेखिका नही हुँ। जैसे विचार मन मे आये वह लिख दिए। यह बात हँसी मजाक के लिए लिखी है कोई अन्यथा न ले।लेकिन सत्य है।
–साधना चोरे
