About The Golden Meet
गोल्डन मीट का विचार

मैं डॉ राजेश बजाज बुरहानपुर में एक सामाजिक प्रसंग में (मित्र के पोते की बर्थडे) का आयोजन था साउंड का कोलाहल कम हुआ तो पीछे से एक महिला का आवाज सुनाई दिया राजेश
पीछे मुड़कर देखा तो मेरी हम उम्र महिला बोली राजेश जय श्री कृष्ण मुझे पहचाना? मैं विस्मय की स्थिति में था मैंने कहा नहीं पहचाना महिला ने जोर दिया याद करो कॉलेज का समय,उसी दरमियान चर्चा में मेरे लंगोटिया मित्र राजकुमार का बातों में सम्मिलित होना होता हे तब उसे महिला ने कहा कि मैं साधना चोरे हम B.Sc.Bio के साथी, चर्चा एवं फोटो सेशन के साथ साधना का आग्रह था की हमें आपस में मिलते रहना चाहिए एक ही शहर में रहते इतने सालो बाद मिल रहे हे।
फिर बात चली तो साधना चोरे कहा कि अपने से पीछे वाले लोग रि यूनियन कर चुके है लेकिन हम लोग पीछे रह गए है सभी फ्रेंड्स से मिलने की बहुत इच्छा हो रही है सभी 60 प्लस हो गए है अब अगर कुछ नही किया तो कभी भी मिल नही पाएंगे।
क्यों ना एक ऐसा आयोजन करे जिस में हम अपने पुराने मित्रो को एकत्रित करे। साधना का आग्रह था कि राजेश तुम प्रयास करो ।
कंप्यूटर पर बैठने की आदत की वजह से मैं मित्रों के नाम नंबर को नोट डाउन करता रहा इसी दरमियान 1 साल गुजर गया कहीं साधना शाह जो कि मेरे मामा की लड़की है उससे फोन पर चर्चा के दौरान ज्ञात हुआ कि उन महिलाओं का भी एक ग्रुप है तो मैंने उसे ग्रुप के उपस्थित महिलाओं की डिटेल भेजने को कहा तो बात आगे बढ़ते हुए मुझे ही उस महिला के ग्रुप में जोड़ दिया।
प्रारंभिक लिस्ट तैयार करने के पश्चात सरोज,प्रीति से सामान्य चर्चा के बाद मित्र मिलन की चर्चा हुई सरोज, प्रीति से जब चर्चा हुई तो मानो हम कार्यक्रम की रुपरेखा बना रहे हो ,सभी एंगल पर चर्चा की गई प्रीति ने कहा कि मैं फरवरी में बुरहानपुर आने का सोच रही हूं यदि उस दरमियान कार्यक्रम करे तो में उपस्थित रह सकूंगी।
इस प्रकार कार्यक्रम का काउंटडाउन शुरू हो गया।कार्यक्रम की रूपरेखा बनती रही बुरहानपुर के एवं बुरहानपुर के बहार के भिन्न भिन्न मित्रो से चर्चा करते-करते मित्रो के उत्तम विचारों को समाहित करते हुए पूरे तन,मन,जोश के साथ एक सुंदर सफल ऐतिहासिक आयोजन की परिणीति 21,22 फरवरी 2026 को गोल्डन मीट के रूप में सम्पन्न हुई ।
– राजेश बजाज
