S. G. J. Q. COLLEGE, BURHANPUR (MP)
The Golden Meet
From the halls of S.G.J.Q. College, Burhanpur to every path life has taken — The Golden Meet brings alumni back to the memories, friendships, and bonds that never fade.
21-02-2026 - 22-02-2026
“स्वर्ण मिलन समारोह”
21–22 फरवरी को आयोजित ‘द गोल्डन मीट 2026’, S.G.J.Q. कॉलेज के पूर्व छात्रों का एक दिल को छू लेने वाला मिलन समारोह था। इस आयोजन में पूरे भारत और दुनिया भर से पूर्व छात्र एक साथ आए—जिनमें अमेरिका जैसी दूर जगहों से यात्रा करके आए लोग भी शामिल थे। इन दो यादगार दिनों के दौरान, कॉलेज का कैंपस पुरानी यादों से जीवंत हो उठा; पूर्व छात्रों ने अपने पुराने दोस्तों से फिर से संपर्क साधा, अपनी जीवन यात्राओं को साझा किया और कॉलेज के दिनों में बने अपने आपसी रिश्तों का जश्न मनाया।
इस कार्यक्रम में स्वागत समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साझा अनुभव और इंटरैक्टिव सत्रों का एक सुंदर मेल देखने को मिला—जिसने अपनेपन और गर्व का एक जीवंत माहौल तैयार किया। यह आयोजन महज़ एक मिलन समारोह से कहीं बढ़कर था; ‘द गोल्डन मीट’ ने पूर्व छात्र समुदाय की अटूट भावना को दर्शाया और यह साबित कर दिया कि दूरी या समय चाहे जो भी हो, S.G.J.Q. कॉलेज के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मज़बूत और शाश्वत बना रहता है।

सैफी गोल्डन जुबिली कादरिया कॉलेज से जुड़ी वें खट्टी मीठी यादें जो आज भी स्मृतियों के पटल पर तरोताजा है
यादों के सुनहरे पल मित्रों की कलम से
प्रकरण - 01

शायद जुलाई महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह का समय था। बी.एस-सी. द्वितीय वर्ष की ज़ूलॉजी की *असद क़ुरैशी सर* की कक्षा में सभी छात्र रोचक विषय में पूरी तन्मयता से डूबे हुए थे। सर भी पढ़ाने की पूरी लय में थे। मैं अपने मित्र सुदेश और राजीव के साथ तीसरी बेंच पर, खिड़की के पास बैठा था। बाहर झर-झर बरसते….
– पंकज शाह “अज्ञानी”
प्रकरण - 02

कॉलेज के शुरुवाती दिनों में ओर मेरे साथ अपनी मित्र भी हम सब साथ ही कॉलेज जाते थे। शुरू शरू में कुछ बड़ी बहनों ने हमारी रैकिंग ली आपसी परिचय ओर थोड़ी खिंचाई प्यारा अनुभव था वह भी। फिर नई रैकिंग शुरू हो गई ।अपनी क्लास सुबह 7:30 को शुरू हो जाती थी,घर से कॉलेज बहुत दूर थी पैदल जाने में थोड़ा लेट हो जाते थे ।इसलिए हमने…
-साधना चोरे
प्रकरण -03

पंकज की यादों के सफ़र में एक बड़ा ही मज़ेदार लेकिन दिल को छू लेने वाला incident बार-बार सामने आ जाता है। फर्स्ट ईयर में हमारी क्लासें पहले बॉटनी गार्डन के बगल वाले कमरे में लगती थीं, लेकिन बाद में कॉलेज के साउथ की तरफ़ लम्बी ईस्ट–वेस्ट पट्टी जैसे बने कमरों में शिफ्ट हो गईं। मैं और सिद्दीक़ हुसैन चौधरी जिस बेंच पर जमकर कब्जा…
-माजिद
The Golden Circle
Meet the Batch
मनोगत
गोल्डन मीट में जो मजा आया और सबसे जो अपना पन जुड़ गया है इससे बुरहानपुर आने की वजह मिली और आज भी हमारे बोहोत सारे घर है, का एहसास हुआ. भाभियों का अपनापन और आत्मीयता मन को लुभा गई. थैंक यू ऑल माय फ्रेंडस, भले बहुत सालों के बाद मिले मगर रिश्तों की मिठास और भी गहरी हो गईं. संघ्या और संगीता को भी थैंक यू अपने परिवार में बिजी होने के बावजूद भी समय निकाला. सरिता इतने सालों से इतने पास होते हुये भी नहीं पता चला लेकिन भविष्य में फिर जरूर मिलेंगे. ये सफलता दर्शाती है की हमारा ग्रुप कितना ताक़तवर है. अब जब भी मै इंडिया आऊँगी बुरहानपुर, नासिक, पूना, सूरत, नवसारी, इंदौर और अन्य शहरों में मेरे अपने रहते हैं. 👬👭👬👭❤️
– प्रीति हरिभक्ति
I believe I have not expressed my gratitude enough for the “organizing team of Golden meet” Please know that we “outsiders” who just showed up last day or hour or mt appreciate what had gone into putting the event together!!! सब सेवाभावी बंधुओ (मितभाषी किंतु dynamic राजू भाई, कविराज राजीव, अत्यंत उत्साही एवं सरल सरोज, स्वर और शब्द के धनी पंकज, दमदार आवाज वाले Adv राजकुमार, हर कड़ी को जोड़नेवाले मजीद भाई, silent सेवा सैनानी सुदर्शना, किसी से कम नहीं साधना, behind the curtain स्तंभ संजय, super सेवा warrier सुदेश, pleasant and social Dr. जयपालदास, अपनी रचनात्मकता से आयोजन में चार चांद 🌙 लगाने वाले innovative सुमेर को मेरा नमन 🙏❤️) I am sure with my 63 year old nervous system I may be forgetting to mention हमारे अन्य सखा/ सखी जिन्होंने इस कार्य को इतना अच्छा अंजाम देने में योगदान दिया है ।On a separate note also want to “Thank” Priti my lovely friend from USA to connect me with the group. सरोज, मदन जीजाजी और पूनम की मेहमान नवाजी की जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम है 🙏 special thanks to them ❤️
– सरिता पटेल
